'Gratitude Journal' से जीवन का नजरिया बदल सकता है, जानिए इसके फायदे

‘Gratitude Journal’ से जीवन का नजरिया बदल सकता है, जानिए इसके फायदे

Positives impacts of gratitude journal: पिछले कुछ सालों से ग्रेटीट्यूट जर्नल (gratitude journal) का चलन तेजी से बढ़ने लगा है. ग्रेटीट्यूट जर्नल एक अभ्यास है जिसमें हम दिन भर की सकारात्मक चीजों का शुक्रिया अदा करने के लिए इसे डायरी में लिखते हैं. दिनभर में हम कई काम पूरे करते हैं. इसके लिए कोई न कोई हमारी मदद करता है. हमें किसी चीज से खुशी मिलती है, कोई हमें प्यार देता है, किसी को हमारा काम पसंद आता है, किसी को हमारी बातों से सुकून मिलता है, कोई हमें गिफ्ट देता है, तो कहीं जाने से हमें आनंद मिलता है, इन सबके लिए शुक्रिया अदा करने का अंदाज है ग्रेटीट्यूट जर्नल. इस अभ्यास से हमारी सोच में सकारात्मकता आती है. हमारा मन दिनभर आनंद से भरा रहता है. कुछ अध्ययन बताते हैं कि इससे मानसिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास पर अच्छा असर पड़ता है. यह जीवन के प्रति सोचने का हमारा नजरिया बदल सकता है.

इसे भी पढ़ेंः बच्चों के सेल्फ-कॉन्फिडेंस को नहीं करना चाहते कम तो भूलकर भी उनके सामने न करें ऐसी बातें

ग्रेटीट्यूट जर्नल के फायदे
एनपीआर वेबसाइट के मुताबिक अध्ययन में पाया गया है कि ग्रेटीट्यूट जर्नल के अभ्यास से अच्छी नींद आती है और स्ट्रेस लेवल कम हो जाता है. ग्रेटीट्यूट जर्नल के कारण हम दूसरों के साथ संवाद बहुत अच्छे से करते हैं, इससे हमारे अंतरवैयक्तिक संबंध ( interpersonal relationships) बेहतर होते है.

लाइफस्टाइल ब्लॉगर एलीन जू ( Aileen Xu ) बताती हैं कि ग्रेटीट्यूट जर्नल से हमारा मन बहुत खुश रहता है और हम सकारात्मक मनोविज्ञान (positive psychology) के क्षेत्र को जीत लेते हैं, क्योंकि इसमें बहुत कम समय लगता है और इसके बेशुमार फायदे हैं.

पहले के एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि ग्रेटीट्यूट जर्नल से किशोरों में भौतिकतावादी रुख में कमी आई और वे उदारता की ओर बढ़ने लगे. इसके साथ ही किशोरों ने जंक फूड खाना छोड़ दिया और हेल्दी खाने की शुरुआत कर दी.

इसे भी पढ़ेंः फिर से स्कूल जा रहे बच्चे के लिए माता-पिता ही सबसे बड़े इमोशनल कोच-स्टडी

ग्रेटीट्यूट जर्नल से हार्ट डिजीज की आशंका भी कम हो जाती है और कुछ लोगों में अवसाद के लक्षण भी दिखने बंद हो जाते हैं.

न्यूयॉर्क के एक्टर सैम खाजई (Sam Khazai) कहते हैं, सुबह ग्रेटीट्यूट की डेली डोज जीवन की सकारात्मकता में क्रांतिकारी बदलाव लाती है. ग्रेटीट्यूट ने मेरे जीवन को जगाया है, इसका मैं भरपूर आनंद लेता हूं.

कैसे बनाएं ग्रेटीट्यूट जर्नल
इन चीजों को यादकर डायरी में उतारें

-आज आपके जीवन में जो सबसे अच्छी चीज हुई, उसके लिए धन्यवाद दें.
-किसने आपको आज प्यार का अहसास दिलाया, उसका शुक्रिया अदा करें.
-उन चीजों को लिखें जिनसे खुशी मिलीं, उन्हें आभार प्रकट करें.
-किसने आपकी मदद की, उन्हें धन्यवाद हैं.
-जॉब या कॉलेज में आपके साथ आज सबसे अच्छी चीज क्या हुई.
-ऐसे कुछ व्यक्तियों का आभार प्रकट करें जिनकी वजह से आपके चेहरे पर मुस्कान आई.
-किसके साथ आपने ज्यादा समय बिताया, उन्हें ग्रेटीट्यूट जर्नल में शुक्रिया अदा करें.
-किस जगह जाने से आपको ज्यादा खुशी मिली, उसका भी शुक्रिया अदा करें.
-अगर आप धार्मिक हैं और कोई बिगड़ा हुआ काम बन गया है, तो ईश्वर का शुक्रिया अदा करें.
-जिसने आपको गिफ्ट दिया, उसका धन्यवाद करें.
-आपमें कोई सकारात्मक भावना आई है तो उसके लिए शुक्रिया अदा करें.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

Source link

Add comment

Your Header Sidebar area is currently empty. Hurry up and add some widgets.