सिंगर बनना चाहते हैं और आवाज में नहीं है मिठास तो करें ये योगाभ्यास

सिंगर बनना चाहते हैं और आवाज में नहीं है मिठास तो करें ये योगाभ्यास

Yoga Asanas For Voice: 9 सितंबर यानी आज आशा भोसले (Asha Bhosle) का जन्मदिन है. उनके कई गाने लोगों को जुबानी याद हैं. बहुत सारे लोग उनकी तरह ही गाना भी चाहते हैं लेकिन ऐसा कर नहीं पाते. उनके मुताबिक आशा जी की तरह संगीत सीखने और समझने का उन्हें समय नहीं मिल पाता लेकिन उनकी इस तरह से गुनगुनाने की चाहत जरूर होती है कि सुनने वालों को उनकी आवाज मीठी लगे. कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि किसी की आवाज अच्छी न होने की वजह से उनके गाने के शौक का मजाक बनाया जाता है, जो कि गलत है. हांलाकि, आप भी अगर इस समस्या से जूझ रहे हैं तो नियमित कुछ योगाभ्यास कर आप अपनी आवाज को मधुर बना सकते हैं. हम आपको वाणी में मिठास घोलने के लिए 3 आसान व्यायाम बताएंगे.

भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम गले से संबंधित कई रोगों व विकारों को दूर करने में मदद करता है. इसका नियमित अभ्यास कर आप मधुर आवाज पा सकते हैं. साथ ही ये तनाव को दूर करने में भी मदद करता है.

भ्रामरी प्राणायाम करने का तरीका
इसे अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पद्मासन में बैठ जाएं. इसके बाद अपनी दोनों आंखों को बंद करें. अब अपने मन को शांत करने की कोशिश करें. अब अपनी पीठ और स्पाइन को बिल्कुल सीधा कर लें. इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधों के समांतर फैलाएं. अब अपनी कोहनियों को मोड़ते हुए हाथों को अपने कानों के पास लें जाएं. दोनों अंगूठों से दोनों कानों को बंद कर लें. अब नाक से सांस भरें और धीरे-धीरे गले से भंवरे की आवाज की तरह ध्वनि निकालते हुए सांस को छोड़ें. इसके लिए आपको पहले नाक से सांस अंदर लेनी है और फिर बाहर छोड़नी है. इसके अभ्यास को 8-10 बार तक करें.

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उज्जायी प्राणायाम
आपको बता दें कि उज्जायी प्राणायाम करते वक्त समुद्र के समान ध्वनि सुनाई देती है. इसके नियमित अभ्यास से आवाज को अच्छा बनाया जा सकता है. साथ ही इसे करने पर श्वास नली भी ठीक रहती है.

उज्जायी प्राणायाम करने का तरीका

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पद्मासन में सीधे बैठ जाएं. इसके बाद श्वास-प्रश्वास का अभ्यास करें. सांस लेते समय गले से आवाज निकालने की कोशिश करें. इसके बाद क्षमता अनुसार सांस कुछ समय तक रोककर रखें. अब आराम से सांस छोड़ दें.

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सिंहासन
जानकारी के मुताबिक सिंहासन में उच्चारण और सुर का अभ्यास होता है. यह आसन उच्चारण ग्रंथियों को मजबूत करने और स्वर उच्चारण को सुधारने में मददगार है. जो लोग गायक बनने का सपना देख रहे हैं, उन्हें ये अभ्यास जरूर करना चाहिए.

सिंहासन करने का तरीका
सिंहासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं. अपने घुटने के बीच थोड़ी दूरी बना कर रखें औरअपने पंजों को नीचे की ओर मोड़ लें. अपने हाथों को बिना कोहनी मोड़े घुटनों पर रख लें. अब गहरी सांस लेते हुए कंधों को थोड़ा ऊपर उठाएं. इसके बाद हाथों की उंगलियों को फैला लें और आंखों को भी क्षमता के अनुसार अच्छे से खोल लें. इसके बाद ऊपर की ओर देखें. अब अपनी जीभ को बाहर निकालें और फैलाएं. इसके बाद शेर की दहाड़ की तरह आवाज निकालें.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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