परिवर्तन यात्रा का ट्रैक्टर बना कांग्रेस का संदेश, ड्राइवर दिखे यादव, रावत व सिंह के पीछे दिखे गोदियाल

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देहरादून. आप लगातार उन्हीं खबरों से दो चार हुए हैं, जिनमें भारी बारिश से उत्तराखंड में तबाही की तस्वीरें और ज़िक्र है. लेकिन एक फैक्ट यह है पिछले तीन महीनों के दौरान उत्तराखंड में कुल बारिश का आंकड़ा बताता है कि ज़रूरत से 5 फीसदी कम बारिश ही हुई. 1 जून से 1 सितंबर के बीच जितनी बारिश हुई, ये ज़िलेवार आंकड़े उस पर आधारित हैं. उत्तराखंड में आम तौर से 1 जून से 30 सितंबर तक मानसून का मौसम पूरे चार महीने का रहता है. तीन महीने बाद यहां बरसात की कहानी के बारे में विस्तार से जानिए. इधर, राज्य के उपरोक्त सात ज़िलों में गुरुवार को बारिश की संभावना के साथ ही बारिश का आलम यह है कि ज़्यादातर इलाकों में मौसम खराब दिखा. मसूरी में देर रात से हो रही बारिश सुबह रुक गई तो हरिद्वार में मौसम साफ रहा. बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात ठीक है, लेकिन एक पैदल पुल के बाधित होने की खबरें हैं.

तीन महीने और मानसून के तीन तेवर
सबसे पहले जून महीने की बात करें तो उत्तराखंड में अच्छी बारिश हुई और आंकड़े ने कहा कि 48 प्रतिशत सरप्लस बारिश हो गई. यहां से इस मौसम में राज्य के तरबतर होने की उम्मीद थी, लेकिन अगले महीने बारिश ने तेवर बदले. जुलाई में राज्य में 9 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. अगस्त का पहला पखवाड़ा भी राज्य को बगैर ज़्यादा भिगोए बीत गया. फिर अगस्त के दूसरे पखवाड़े में आफत की बारिश हुई. मूसलाधार बारिश हुई, बादल भी फटे लेकिन पर्याप्त इस महीने भी नहीं हुई. अगस्त में 23 फीसदी कमी दर्ज की गई. राज्य में अगस्त में 991.5 मिलीमीटर बारिश की अपेक्षा रहती है, लेकिन इस साल 945.4 मिमी ही हुई.

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उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियों के उफान पर आने समेत कई हादसों की खबरें पिछले दो हफ्तों से बनी रहीं.

कहां किस तरह हुई बारिश?
सिर्फ दो ज़िले बागेश्वर और चमोली ऐसे रहे, जहां अपेक्षा से ज़्यादा बरसात दर्ज की गई. बागेश्वर में 159 और चमोली में 54 फीसदी ज़्यादा. कुमाऊं के इन दोनों ही ज़िलों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कें खराब या अवरुद्ध व गांवों से संपर्क कट जाने जैसी खबरें आती रहीं. इनके अलावा, बाकी 11 ज़िलों में जून से अगस्त तक हुई बारिश में कमी ही दर्ज की गई. देखिए किस ज़िले में कितनी कम रही बारिश :

1. पौड़ी गढ़वाल — 33% कम बारिश
2. हरिद्वार — 23% कम बारिश
3. चंपावत — 22% कम बारिश
4. देहरादून — 14% कम बारिश
5. टिहरी गढ़वाल — 11% कम बारिश
6. अल्मोड़ा — 2% कम बारिश

सितंबर में कैसी होगी बारिश?
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के हवाले से खबरें कह रही हैं कि सितंबर में बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन तीव्रता कम हो जाएगी. सिंह के अनुसार, ‘5 से 7 सितंबर के बीच मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और अच्छी बारिश होगी.’ सिंह ने यह भी कहा कि दक्षिण पश्चिमी मानसून का मौसम इस साल राज्य के लिए अच्छा रहा. जुलाई और अगस्त के महीने में लगभग अच्छी बारिश दर्ज की गई. हालांकि आंकड़ों से साफ है कि बारिश अनियमित हुई और उत्तराखंड के कुछ हिस्से बहुत ज़्यादा भीगे तो कुछ काफी सूखे रह गए.

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