कभी सपना चौधरी की बाउंसर थी पूनम पंडित, किसान रैली में कमर में डाला था हाथ

कभी सपना चौधरी की बाउंसर थी पूनम पंडित, किसान रैली में कमर में डाला था हाथ

मुजफ्फरनगर में हुए ‘भारतीय किसान यूनियन (BKU)’ के ‘किसान महापंचायत’ में एक महिला किसान नेता के साथ बदसलूकी हुई। इसके बाद पूनम पंडित नाम की ये महिला नेता चर्चा में आईं। कभी हरियाणा के करनाल में नौकरी के लिए गईं पूनम पंडित मशहूर डांसर व मॉडल सपना चौधरी की बाउंसर हुआ करती थीं। सपना चौधरी के कई कार्यक्रमों में उन्हें बाउंसर की वेशभूषा में मंच पर देखा जाता था।

जब पूनम पंडित से पूछा गया कि कई युवा आपसे शादी करने के लिए कतार लगाए खड़े हैं, तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा कि वो शादी भी कर लेंगी। बकौल पूनम पंडित, कोई अगर सीधे आकर उनसे कहे कि उसे शादी करनी है और क्यों करनी है, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, उन्होंने चेताया कि वो किसी की हनक बर्दाश्त नहीं कर सकती हैं। उन्होंने कोई निर्देशित नहीं कर सकता कि ‘ये करो, वो करो’।

पूनम पंडित का कहना है कि उन्हें खुले व्यक्तित्व वाला पति चाहिए, जो उन पर किसी तरह की बंदिशें न लगाए। हाँ, पूनम पंडित ये भी कहती हैं कि वो अच्छी तरह से घर संभाल सकती हैं। हालाँकि, वो ये भी कहती हैं कि जब तीनों कृषि कानून वापस हो जाएँगे, वो तभी शादी करेंगी। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें व वीडियोज वायरल हुए हैं, जिसमें वो मेरठ भाजपा कार्यालय में बैठी हुई दिख रही हैं।

इसके बाद कई ‘किसान आंदोलन’ समर्थक उन्हें भाजपा का एजेंट बताते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने ‘किसान महापंचायत’ को बदनाम करने के लिए जानबूझ कर वहाँ अभद्रता के आरोप लगाए। पूनम ने कहा कि सोमवार को मेरठ के मोदीपुरम में खिलाड़ी विनोद के ऑफिस में संयुक्त खेल मोर्चा की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें भाजपा के पोस्टर एडिट कर के लगा कर वायरल किए जा रहे हैं। BKU का कहना है कि पूनम पंडित उसके संगठन से जुड़ी हुई नहीं हैं।

BKU  के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि वो समय-समय पर गाजीपुर सीमा पर चल रहे प्रदर्शन में आती रही हैं। उन्होंने कहा कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं और उस बैठक में पूनम पंडित ने भाजपा विधायक के साथ हिस्सा लिया था। उन्होंने पूनम पंडित पर किसानों की हर बैठक में पहुँच कर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गतिविधियाँ शुरू से ही संदिग्ध रही हैं।बुलंदशहर जिले में सिकंदराबाद क्षेत्र के इस्माइलपुर गाँव की रहने वाली पूनम पंडित के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोवर्स हैं।

पूनम पंडित का एक इंटरव्यू

हाल ही में पूनम पंडित गजरौली में एक हादसे का शिकार होते-होते बची थीं। गलत दिशा में जा रहे एक ट्रक से उनकी कार का टक्कर होते-होते बचा, लेकिन उनके चालक की सूझबूझ से हादसा टल गया। ट्रक चालक ट्रक छोड़ कर फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। उस समय वो रिश्तेदारों के साथ मेरठ से लौट रही थीं। जानबूझ कर उन पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश के आरोप लगे थे।

हाल ही में राकेश टिकैत सहित ‘भारतीय किसान यूनियन (BKU)’ ने मुजफ्फरनगर में भाजपा के खिलाफ रैली आयोजित की थी, जहाँ से ‘अल्लाहु अकबर’ का भी नारा दिया गया। वहाँ पूनम पंडित को मंच पर चढ़ने से रोक दिया गया। इसके बाद कई मीडिया संस्थानों से बात करते हुए पूनम पंडित ने कुछ गंभीर आरोप लगाए। कभी हरियाणा के करनाल में नौकरी करने वाली पूनम पंडित का कहना है कि कृषि कानूनों की बारीकियों को समझने के बाद वो ‘किसान आंदोलन’ से जुड़ीं।

पूनम पंडित खुद को अंतरराष्ट्रीय शूटर भी बताती हैं। नेपाल में स्वर्ण पदक जीतने का दावा करने वाली पूनम पंडित को इस बात का मलाल है कि एक कलाकार होने के बावजूद सपना चौधरी किसानों के समर्थन में नहीं आईं। उन्होंने कुछ लोगों पर ज़हर फैला कर ‘किसान आंदोलन’ को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यही कारण है कि मुजफ्फरनगर में उनके साथ बदतमीजी की गई थी।

इस सम्बन्ध में इस सम्बन्ध में पूनम पंडित ने बताया, “एक लड़के ने मुझे कोली भर के, अर्थात कमर में हाथ डालकर नीचे खींच लिया। इसके बाद मुझे मंच पर चढ़ने से रोक दिया गया। उसने धमकाया कि मैं किसी भी हालत में तुम्‍हें मंच पर नहीं चढ़ने दूँगा। मेरे साथ धक्‍का-मुक्‍की भी की गई। मैं पसीने से तरबतर हो गई और मेरी तबीयत भी खराब हो गई थी। मैं कुछ समझ ही नहीं पाई की मेरे साथ ये क्या किया जा रहा है।”

पूनम पंडित ने दावा किया कि खुद BKU प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उन्हें महापंचायत में आमंत्रित किया था। बाद में राकेश टिकैत ने उन्हें मंच पर भी जगह दी। आखिरी दम तक ‘किसान आंदोलन’ से जुड़ी रहने की बात करते हुए पूनम पंडित ने बताया कि वो अभी 25 साल की हैं और उन्होंने हाल ही में अपनी छोटी बहन की शादी की है। उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और माँ ने ही बच्चों की परवरिश की है।

हरियाणवी और यूपी के लहजे में भाषण देने वाली पूनम पंडित का कहना है कि कई लोग उन्हें पसंद नहीं करते और उनके साथ पहले भी दुर्व्यवहार हो चुका है। टिकरी सीमा पर चल रहे प्रदर्शन में भी उन्हें रोक दिया गया था। करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज का आरोप लगा कर हुए आंदोलन में भी वो सक्रिय रही थीं। हरियाणा को अपने घर जैसा बताने वाली पूनम पंडित ने कहा कि कुछ लोगों की नफरत के कारण वो हार नहीं मान सकतीं

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